🟩 आयुर्वेद में पथरी को क्या कहते हैं?
आयुर्वेद में पथरी को "आश्मरी (Ashmari)" कहा गया है। यह मूत्र संबंधी विकारों में गिना जाता है और इसका प्रमुख कारण माना गया है —
वात, पित्त और कफ दोषों का असंतुलन, विशेष रूप से पित्त और वात का अधिक होना।
🔷 पथरी का आयुर्वेदिक इलाज (Ayurvedic Treatment for Pathari)
🟢 1. वरुण (Varun)
👉 मूत्रनली को साफ़ करने वाला आयुर्वेदिक पौधा
🔹 पथरी को तोड़ने और बाहर निकालने में सहायक
🔹 वरुण चूर्ण या काढ़ा का सेवन करें
🕒 मात्रा: 1-2 ग्राम चूर्ण दिन में दो बार शहद या गुनगुने पानी के साथ
🟢 2. गोक्षुर (Gokshura)
👉 मूत्रवर्धक गुणों से भरपूर
🔹 पेशाब के माध्यम से पथरी को निकालता है
🔹 सूजन, जलन और दर्द में राहत
🕒 सेवन: गोक्षुरादि गुग्गुलु टैबलेट, 1-2 गोली दिन में दो बार
🟢 3. पाषाणभेद (Pashanbhed)
👉 नाम ही बताता है “पत्थर को तोड़ने वाला”
🔹 पथरी को छोटे टुकड़ों में तोड़कर पेशाब के माध्यम से बाहर निकालता है
🔹 इसे चूर्ण या काढ़ा के रूप में लिया जाता है
🕒 2 ग्राम पाषाणभेद चूर्ण, शहद या पानी के साथ दिन में 2 बार
🟢 4. कुल्थी दाल (Kulthi Dal – Horse gram)
👉 आयुर्वेद में यह दाल पथरी के लिए रामबाण मानी जाती है
🔹 पथरी को घिसती है और मूत्रमार्ग साफ़ करती है
🕒 सेवन विधि:
1 कटोरी कुल्थी दाल को उबालकर उसका सूप बनाकर रोज़ शाम को पिएँ।
🔶 पथरी के घरेलू और देसी नुस्खे (Home Remedies for Kidney Stones)
🏡 1. नींबू + पानी (Lemon Water)
🍋 नींबू में साइट्रिक एसिड होता है जो पथरी को घोलने में मदद करता है
🔹 दिन में 2 बार गुनगुने पानी में आधा नींबू निचोड़कर पिएँ
🏡 2. नारियल पानी (Coconut Water)
🥥 किडनी को साफ़ करने और मूत्र को पतला करने वाला शक्तिशाली उपाय
🔹 रोज़ 1-2 ग्लास नारियल पानी पिएँ
🏡 3. तुलसी के पत्ते (Tulsi Leaves)
🌿 तुलसी किडनी को टोन करती है और पेशाब साफ़ करती है
🔹 4-5 पत्ते रोज़ सुबह चबाएं या तुलसी का रस + शहद लें
🏡 4. जीरा, अजवाइन और सौंफ का पानी
🔹 1 चम्मच जीरा, अजवाइन और सौंफ – 1 लीटर पानी में उबालें
🔹 इसे छानकर पूरे दिन में थोड़ा-थोड़ा करके पिएँ
✅ यह पेट की गैस, जलन और पेशाब की रुकावट में मदद करता है
🏡 5. मकई के बाल (Corn Silk Tea)
🌽 मकई के बाल मूत्रवर्धक होते हैं
🔹 इसे उबालकर पीने से पेशाब खुलकर आता है और पथरी बाहर निकलने में सहायता मिलती है
🚫 पथरी में क्या न खाएं (Avoid These in Kidney Stones)
| प्रतिबंधित आहार | कारण |
|---|---|
| पालक, चाय, चॉकलेट | ऑक्जेलेट बढ़ाते हैं |
| ज्यादा नमक | कैल्शियम स्टोन का खतरा |
| रेड मीट, अंडा, शराब | यूरिक एसिड पथरी का कारण |
| दूध + नमकीन साथ में | कैल्शियम ऑक्जेलेट बनने का खतरा |
✅ पथरी से बचाव के उपाय (Preventive Tips)
-
दिन में कम से कम 3-4 लीटर पानी पिएँ
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नींबू पानी या नारियल पानी को दिनचर्या में शामिल करें
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ज्यादा नमक, चीनी और रेड मीट से बचें
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बार-बार पेशाब न रोकें
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तनाव कम करें और शरीर को एक्टिव रखें
📌 निष्कर्ष (Conclusion):
पथरी के लिए आयुर्वेदिक इलाज और घरेलू उपाय सुरक्षित, सरल और दीर्घकालिक समाधान दे सकते हैं — बशर्ते उन्हें सही तरीके से अपनाया जाए और समय रहते लक्षणों पर ध्यान दिया जाए। यदि पथरी बड़ी हो या लगातार दर्द हो तो डॉक्टर से परामर्श अवश्य लें।
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🔚 निष्कर्ष (Conclusion):
अगर आप ऑपरेशन से बचना चाहते हैं, तो आयुर्वेद और देसी उपायों से पथरी को ठीक कर सकते हैं। ऊपर दिए गए उपाय नियमित रूप से अपनाएं और डॉक्टर से संपर्क अवश्य करें यदि दर्द या लक्षण गंभीर हों।
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